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डेंगू बुखार के लक्षण और घरेलु उपाय (Dengue bukhar ke lakshan aur gharelu upay)

डेंगू भुखार एक वायरल बुखार है, जो संक्रमित एडीज (Aedes) मच्छरों के काटने से होता है| अगर किसी डेंगू ग्रसित व्यक्ति को काटने के बाद यह मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काट ले, तो यह डेंगू वायरस को उस स्वस्थ व्यक्ति तक भी पंहुचा देगा| अर्थार्थ, यह मच्छर वायरस के वाहक के रूप में काम करता है|

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दांत साफ़ करने के नुस्खे (Daant saaf karne ke nuskhe)

हम लोग अक्सर दांतों के बारे में तभी सोचते हैं जब हमे दर्द होता है, या फिर जब दांतों में कीड़े पड़ जाते हैं| जब डेंटल डॉक्टर अपने औज़ारों से हमारे दांतों और जबड़े की मरम्मत करना शुरू करता है, तब हम पछताते हैं की हमने अपने दाँतों की कद्र क्यों नहीं की|

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पेशाब में जलन के कारण और उपाय (Peshab mein jalan ka karan aur upay)

पेशाब सम्बंधित समस्याएं किसी भी उम्र के लोगों में प्रकट हो सकती हैं - जैसे की बार-बार पेशाब लगना, पेशाब में जलन होना, पेशाब करते हुए कटने जैसा एहसास होना, इत्यादि| यह किसी छोटे-मोटे कारणवश भी हो सकता है, या किसी संक्रमण (Infection) की वजह से, या यह किसी विकट समस्या का सूचक हो सकता है|

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मस्से हटाने के घरेलु उपाय (Masse hatane ke gharelu upay)

हममे से कई लोगों को मस्से (स्किन टैग्स - Skin Tags) हो जाते हैं, किसी को गर्दन पे, किसी को चेहरे पर, हाथ पर, सर पर, किसी को शरीर के बाकी हिस्से पर| असल में, त्वचा पर खुरदुरे सी, त्वचा के रंग की गाँठें बन जाती हैं। इन्हें ही मस्से कहा जाता है| यह बहुत आम त्वचा सम्बंधित समस्या है|

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दर्द और सूजन कम करने के लिए ठंडी सिकाई करें या गर्म सिकाई? (Hot therapy Vs. Ice Therapy)

हममें से ज्यादातर को यह तो पता है कि चोट लगने पर, सूजन होने पर, अथवा शरीर में कहीं दर्द होने पर सिकाई करने से लाभ मिलता है| परन्तु, संभवतः ज़्यादातर लोग इस बात को लेकर भ्रमित रहते हैं की गर्म सिकाई की जाये, अथवा ठंडी|

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आँखों की देखभाल के घरेलू उपाय (Aankhon ki dekhbhal kaise karen?)

हमारी आँखें संभवतः हमारी सबसे महत्वपूर्ण इंद्री हैं, जिसके प्रयोग के बिना हमारा इस दुनिया को समझना और इसमें रहना भी दूभर हो जायेगा| पर आजकल की दुनिया में, जहाँ हर काम कंप्यूटर पर होता है, और लोग टीवी और मोबाइल में हर वक़्त आँख गढ़ाए रहते हैं, नेत्र रोग बढ़ते जा रहे हैं| नेत्र रोग भी भाँति-भाँति के होते हैं, जैसे की नज़रों का कमज़ोर होना, कैटरेक्ट, ग्लूकोमा, अलेर्जी, इत्यादि|

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