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आँखों की देखभाल के घरेलू उपाय (Aankhon ki dekhbhal kaise karen?)

हमारी आँखें संभवतः हमारी सबसे महत्वपूर्ण इंद्री हैं, जिसके प्रयोग के बिना हमारा इस दुनिया को समझना और इसमें रहना भी दूभर हो जायेगा| पर आजकल की दुनिया में, जहाँ हर काम कंप्यूटर पर होता है, और लोग टीवी और मोबाइल में हर वक़्त आँख गढ़ाए रहते हैं, नेत्र रोग बढ़ते जा रहे हैं| नेत्र रोग भी भाँति-भाँति के होते हैं, जैसे की नज़रों का कमज़ोर होना, कैटरेक्ट, ग्लूकोमा, अलेर्जी, इत्यादि|

आँखें बहुत कोमल होती हैं, और इसलिए हमें इनकी नियमित रूप से देखभाल करनी चाहिए, जैसे हम अपनी त्वचा की करते हैं| हम नियमित रूप से नहाते हैं, पर क्या आपको याद है आपने अपनी आँखें आखिरी बार कब धोयीं थीं ?

इस लेख में हम आपको आँखों की देखभाल के सम्बन्ध में जानकारी और घरेलु नुस्खे देंगे| होशियार मनुष्य वही है, जो कोई रोग होने का इंतज़ार न करे, अपितु उन्हें होने से रोके|

(इस लेख में हम जानेंगे - How to take care of our Eyes, in Hindi)

Table of Contents (in Hindi)
  • नेत्र रोगों के कुछ संभावित कारण
  • नेत्रों की देखभाल के लिए घरेलु उपाय

नेत्र रोगों के कुछ संभावित कारण (Netra rogon ke karan)

  • अनुचित खान-पान, पौष्टिक तत्वों की कमी, जैसे की विटामिन A
  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का अत्यधिक उपयोग, जैसे की टीवी, मोबाइल, कंप्यूटर इत्यादि|
  • बहुत ज्यादा, या लम्बे समय तक तनाव ग्रसित रहना|
  • उच्च-रक्तचाप या मधुमेह के कारण आँखों या मस्तिष्क की धमनियों को नुकसान या उनका सूख जाना|
  • प्रदूषण

नेत्रों की देखभाल के लिए घरेलु उपाय (Netron ki dekhbhal ke gharelu upay)

  • सुबह मुँह में पानी भरकर आँखों में पानी के छींटें मारें| पानी निर्मल और शीतल होना चाहिए|

  • अनुलोम-विलोम प्राणायाम नेत्रों के लिए बहुत उपयोगी माना जाता है| और यह इतना आसान है कि इसे कोई भी कर सकता है| अनुलोम-विलोम करने से नस-नाड़ियाँ तो शुद्ध होती ही हैं, इससे रक्तचाप भी कम होता है, और मस्तिष्क भी सक्रिय रहता है|

  • शीर्षासन करने से भी आँखों को बहुत लाभ पहुँचता है| परन्तु अगर थोड़ी सी भी परेशानी महसूस हो, तो यह आसन न करें| बुजुर्ग लोगों को यह आसन नहीं करना चाहिए|

  • आँवला भी आँखों के लिए बहुत लाभदायक होता है, चाहे किसी भी रूप में ग्रहण किया जाये - सीधा आँवला, आँवले का जूस, आँवले का चूर्ण, आँवले का रसायन, चयवनप्राश इत्यादि|

  • अगर आप एक्यूप्रेशर करना पसंद करते हैं, तो आप अपने दोनों हाथों या पैरों की पहली और दूसरी ऊँगली के मिलन बिंदुओं को हलके-हलके दबा सकते हैं| 1-2 मिनट दबाएं, बहुत ज्यादा नहीं|
    acupressure points to boost height

  • आयुर्वेद के अनुसार, अदरक, सफ़ेद प्याज, निम्बू और शहद मिलाकर भी आँखों के लिए दवा तैयार की जाती है| पर इसमें पानी नहीं मिलना चाहिए| इसकी 2 बूँदें दोनों आँखों में डालें| पर यह आँखों में चुभता बहुत है| इसकी जगह आप कोई और आयुर्वेदिक ऑय-ड्राप भी इस्तेमाल कर सकते हैं| अगर यह नुस्खा भी अपनाते हैं, तो भी पतंजलि या ऐसी किसी कंपनी के इसी नुस्खे पर आधारित ऑय-ड्राप लेना बेहतर होगा, क्यूंकि यह नुस्खा खुद तैयार करने में कुछ कम-ज्यादा हो सकता है|

  • अगर आपको आँखों में कुछ सीधे डालना पसंद नहीं, तो आप आयर्वेदिक चूर्ण और रसायन भी ग्रहण कर सकते हैं, जैसे की आमलकी रसायन, सप्तामृत लौह, मुक्ताशुक्ति भस्म, मोतीपिष्टि| आप इनको साथ मिलाकर भी ग्रहण कर सकते हैं|

अगर आप यह सब करते हैं, तो आपकी आँखें लम्बे समय तक स्वस्थ्य रहेंगी| अगर आपको कोई नेत्र रोग हो भी गया है, या आपकी आँखें कमज़ोर हो चली हैं, तो उनको लाभ मिलना प्रारंभ हो जायेगा|

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