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अच्छी नींद आने के घरेलु उपाय (achi neend aane ke gharelu upay)

नींद इंसान और जानवरों की बुनियादी जरूरतों में से है| आप दिन भर जो भी सीखते हैं, वो रात को आपकी लम्बे समय की यादों (long term memory) में दर्ज़ हो जाता है| नींद के समय ही शरीर दिनभर हुए क्षय की भरपाई करता है| इसी कारणवश, अगर आपको रात को नींद अच्छी ना आये तो अगले दिन आपको थका-थका सा महसूस होता है|

अगर लम्बे समय तक अच्छी और पूरी नींद ना आये, तो इससे मस्तिष्क और शरीर पर बुरा असर पड़ना निश्चित है| इस अनिद्रा के विकार को इंसोम्निया (Insomnia) कहा जाता है|

यह कई प्रकार और रूपों में प्रतिलक्षित हो सकता है - नींद आने में दिक्कत होना, नींद बार-बार टूटना, पूरी नींद ना आना, गहरी नींद ना आना| ज्यादातर मामलों में इसके कारण बड़े सामान्य होते हैं, और कुछ घरेलु नुस्खे अपनाकर इसमें सुधार किया जा सकता है| इस लेख में हम इसी पर चर्चा करेंगे|

सावधानी!

अगर आपकी नींद की समस्या अधिक विकराल है, या बोहत लम्बे समय से चल रही है, तो आपको किसी विशेषज्ञ को अवश्य दिखाना चाहिए|

(इस लेख में हम जानेंगे - Ways to get good sleep, in Hindi)

Table of Contents (in Hindi)
  • नींद नहीं आने का कारण
  • बेहतर नींद के उपाय
  • अच्छी नींद आने के लिए क्या खाना चाहिए
  • नींद के लिए तेल
  • नींद की गोली के फायदे और नुक्सान

नींद नहीं आने का कारण (neend nahi aane ke karan)

  • अगर आप चिंता में हैं तो तो निश्चित रूप से आपकी नींद पर असर पड़ेगा| चिंतित होने पर न सिर्फ नींद देर में आती है, अपितु बीच बीच में टूट भी जाती है| इससे न सिर्फ दिमाग पर, अपितु आँख, हृदय जैसे अंगों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है|
नोट

दुश्चिंता (anxiety) से प्रभावित व्यक्ति को अक्सर नींद कम आती है, जबकि अवसाद (depression) से ग्रसित मनुष्य को अक्सर ज्यादा सोते हुए पाया जाता है|

  • शोर-शराबा और अत्यधिक रौशनी होने से भी नींद आने में दिक्कत होती है| बहुत गर्मी या ठण्ड होने पर भी नींद आने में परेशानी होती है| अतः, जहाँ आप सोते हों, वो कमरा/जगह आरामदायक और नींद के लिए अनुकूल होनी चाहिए|

  • रात को व्यायाम करने से, या अत्यधिक खा लेने से भी नींद प्रभावित होती है|

बेहतर नींद के उपाय (behtar neend ke upay)

  • सोने से पहले कोई ऐसा काम ना करें जो आपके शरीर या मस्तिष्क को हद से ज्यादा उत्तेजित या क्रियान्वित कर दे| जैसे की सोने से पहले व्यायाम करना, वीडियो गेम खेलना, या कोई डरावनी फिल्म देखना आपके सोने में दिक्कत पैदा करेगा| इसके विपरीत, दिमाग और शरीर को आराम देने वाली चीज़ें करने से नींद अच्छी आती है, जैसे की मद्धम संगीत सुनने से, सोने से पहले कोई कहानी या नॉवेल पढ़ने से इत्यादि|
नोट

शारीरिक व्यायाम सुबह, दोपहर, या शाम को करने पर नींद की गुणवत्ता बढ़ती है, परन्तु अगर आपने सोने से 1-2 घंटे पहले व्यायाम किया तो आपकी नींद में ख़लल पड़ेगा| अतः, सही चीज़ भी अगर गलत समय पर की जाये तो यह नुक्सानदायक साबित हो सकती है|

2008 में जब में सॉफ्टवेयर इंजीनियर था और एक अमेरिकन MNC में काम करता था, तब मुझे सिर्फ रात को ही व्यायाम करने का वक़्त मिलता था| कुछ समय में ही मुझे सोने में थोड़ी दिक्कत महसूस होने लगी|

  • साधना (meditation) और कुछ आसन करने से नींद की गुणवत्ता में काफी सुधार होता है| मुझे जब नींद नहीं आती तो में शवासन करता हूँ| इसमें आप पीठ के बल सीधे लेट जाते हैं - ऐढ़ियाँ आपस में छूती रहे, रीढ़ की हड्डी सीधी रहे, बाजुएँ शरीर के बगल में रहें| एड़ियों से शुरू करके, धीरे-धीरे अपने शरीर, माँसपेशियों , नसों को ढीला छोड़िये - इतना ढीला जैसे लगे आप अपना शरीर त्याग रहे हैं| धीरे-धीरे सिर तक अपना शरीर पूरा ढीला कर दीजिये| दिमाग में कोई विचार भी नहीं आने दीजिये| ऐसा लगे आपकी मृत्यु हो गयी है, और आपकी आत्मा ने अपना शरीर और उसके साथ सम्बंधित सारी चिंताएं और परेशानियाँ भी पीछे छोड़ दीं हैं| अगर आप ये करना सीख गए तो आपको बहुत आराम मिलेगा, और कई बार तो यह आसन करते-करते ही आपको नींद भी आ जाएगी|

  • इसके अलावा अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम अनिंद्रा में लाभदायक होते हैं| 5-10 बार दोनों प्राणायाम करिये| पहले दिन से ही असर दिखने लगेगा|

  • कुछ लोग कहते हैं की बिस्तर का इस्तेमाल केवल सोने के लिए करना चाहिए| काम करते हुए, टीवी देखते हुए, खाने के लिए बिस्तर का इस्तेमाल न करें| अगर आप बिस्तर का इस्तेमाल केवल सोने के लिए करते हैं, तो आपके दिमाग को यह सन्देश जाता है की बिस्तर का मतलब है सोना| मनोविज्ञानिक शब्दावली में कहा जाये तो इसका मतलब है की इससे दिमाग की कंडीशनिंग हो जाती है| वैसे, में अपनी बात करूँ तो मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता - में दिनभर बिस्तर पर बैठा रहूं, तो भी रात को आराम से नींद आ जाती है| परन्तु हर इंसान अलग होता है, इसलिए आप ऐसा करके देख सकते हैं|

  • अगर आप उन लोगों में से हैं, जो हमेशा सोचते रहते हैं और भविष्य की योजना बनाते रहते हैं, तो भी हो सकता है की आपको नींद कम आये| मुझे भी यह बुरी आदत है - में सोने से पहले कल क्या करूँगा इसके बारे में सोचता रहता हूँ| पर इसकी वजह से मेरी नींद ख़राब न हो, इसके लिए में कल करने वाले कामों को एक पेज/स्लिप में लिख लेता हूँ| इससे मेरा दिमाग उस चिंता से मुक्त हो जाता है, कि कहीं में कुछ भूल ना जाऊँ|

  • अगर दिन भर हुई घटनाओं को आप रात में सोने से पहले सोचते हैं, तो भी आपकी नींद ख़राब हो सकती है - मेने उसे यह क्यों कहा, क्यों नहीं कहा, उसने मेरे साथ ऐसा क्यों किया, इत्यादि| अगर आप इस तरह के प्राणी हैं, तो आप सोने से पहले किसी से बात करके अपना मन हल्का कर लें| नींद अच्छी आएगी| इसी कारणवश कुछ लोग सोने से पहले डायरी लिखते हैं|

  • अँधेरे और शांत कमरे में नींद अच्छी आती है| रौशनी में और शोर से नींद आने में दिक्कत होती है| लाइट और दरवाज़ा बंद करके सोएं, परन्तु ये ध्यान दें की ताज़ी हवा आती रहे|

  • अगर आपके घर में पालतू जानवर हैं, तो हो सकता है वो आपको सोते समय तंग करें| जैसे आपका कुत्ता आपको सुबह जल्दी उठा सकता है, क्यूंकि उसे सुबह घूमने जाना होता है| वो आवाज़ भी काफी करते हैं| अतः, अगर आपको नींद की समस्या है, तो या तो पालतू जानवर न लें, या अगर घर में पहले से ही कोई जानवर है, तो उसे दूसरे कमरे में रखें और उसकी ज़िम्मेदारी परिवार के किसी और सदस्य को दे दें| वैसे कुछ लोगों को अपने पालतू जानवर के साथ ज्यादा अच्छी नींद आती है| यह आपको देखना है कि आपके लिए ज्यादा उचित क्या है|

  • एककुप्रेशर के अनुसार उँगलियों के छोरों को दबाने से नींद अच्छी आती है|

  • नींद के लिए आयुर्वेद की मेधा-वटी भी बहुत असरदार मानी जाती है|

अच्छी नींद आने के लिए क्या खाना चाहिए (acchi neend ke liye kya khana cahiye)

  • रात के खाने में कोई भारी आहार या मिर्च-मसाले वाला आहार न लें| ऐसा माना जाता है कि रात को ऐसा खाना खाने से नींद ख़राब होती है| इसके विपरीत, अगर आप रात को कुछ भी नहीं खाएंगे तो यह हो सकता है कि आपको देर रात भूक लगे और बीच में ही आपकी नींद टूट जाये| अतः, रात को सादा और हल्का भोजन ग्रहण करें|

  • यह तो शायद आपको पता ही होगा कि, रात को सोने से पहले चाय या कॉफ़ी नहीं पीनी चाहिए| इनका स्टिमुलेटिंग इफ़ेक्ट होता है| लोग अक्सर इनको रात को तब लेते हैं जब उनको जगना होता है|

  • रात को सोने से पहले ज्यादा पानी भी ना पिएं| ऐसा इसलिए, क्यूंकि पिया हुआ पानी शरीर से 2-3 घंटे में निकलने की स्तिथि में पहुंच जाता है| अगर आप रात को अधिक पानी, या ऐसी कोई चीज़ जिसमें पानी हो (जूस, दूध इत्यादि) अधिक मात्रा में पीकर सोते हैं, तो आपको रात को मूत्र-त्याग के लिए उठना पड़ेगा|

नींद के लिए तेल (neend ke liye tel)

आयुर्वेद के अनुसार पैर के तलुओं, और सर में तेल लगाने से नींद अच्छी आती है| नाक के अंदर भी इस प्रयोजन हेतु थोड़ा तेल लगाया जाता है| अगर आप तलुओं और सर में तेल लगाने के बाद थोड़ी मालिश भी कर लेते हैं, तो और भी अच्छा असर होता है|

इसके लिए बादाम का तेल सबसे अच्छा माना जाता है| इससे याद्दाश्त भी अच्छी होती है, और त्वचा में चमक आती है|

आपको यह तेल ‘बादाम रोगन’ के नाम से बाजार में आराम से मिल जायेगा| किसी भी भरोसेमंद कंपनी का तेल आप खरीद सकते हैं|

बादाम रोगन तेल आप रात को सोते हुए दूध में मिलाकर भी पी सकते हैं| एक गिलास में आधा या एक चम्मच बादाम रोगन तेल मिलाया जा सकता है| यह पूरी तरह दूध में घुलेगा नहीं, थोड़ा सा ऊपर तैरता रहेगा|

नींद की गोली के फायदे और नुक्सान (neend ki goli ke fayade aur nuksan)

कुछ लोग नींद के लिए गोली भी खाते हैं, ख़ासतौर से पाश्चात्य देशों में| भारत में भी यह प्रचलन चल पड़ा है, मुंबई, दिल्ली जैसे शहरों में तो बहुत| यह तब करना पड़ता है, जब कुछ और काम नहीं करता|

पर इससे भी नींद की गुणवत्ता तो अच्छी होती नहीं है, हाँ नींद जरूर आ जाती है| बहुत से लोग जो इन गोलियों का सेवन करते हैं, वो नींद लेने के बाद भी थकान होने की शिकायत करते हैं|

अतः, जितना हो सके इन नींद की गोलियों से बचें| नींद प्राकर्तिक रूप से आये तो उससे अच्छा कुछ नहीं| परन्तु बहुत बुरी अवस्था होने पर, आपको इन गोलियों का सेवन किसी डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए|

नींद की गोली का एक फायदा यह ही है, की जब कुछ काम न करे तो यह काम करता है| कभी-कभी हम इतने बुरे वक्त से गुजर रहे होते हैं, कि हम चाह कर भी अपना चित्त शांत नहीं कर पाते, चिंता में रहते हैं, परेशान रहते हैं| ऐसे समय में ये तरीका भी आजमाया जा सकता है|

परन्तु लम्बे समय तक नींद की गोली का सेवन आपके लिए शायद अच्छा न हो| आपको इसकी आदत भी लग सकती है, और आप इसपर नींद के लिए निर्भर हो सकते हैं| अतः, बहुत मज़बूरी होने पर, और कभी-कभी ही यह तरीका आजमाएं|

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