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गुदा विदर (एनल फिशर) के प्राकृतिक उपचार (anal fishar ke prakartik upchar)

इस लेख में हम गुदा विदर (एनल फिशर) के कुछ प्राकृतिक उपचारों के बारे में जानेंगे।

भारत में चार से पांच करोड़ लोग पाइल्स और फिशर से पीड़ित हैं। अक्सर लोग चिकित्सकीय ज्ञान की कमी के कारण भ्रमित हो जाते हैं। वे डॉक्टर को देखने में भी शर्मिन्दिगी मेहसूस करते हैं। इसी कारन कभी-कभी यह समस्या समय के साथ बड़ी हो जाती है।

Table of Contents
  • एनल फिशर क्या होता है ?
  • एनल फिशर के घरेलु उपाय

एनल फिशर क्या होता है ? (anal fissure kya hota hai?)

फिशर का अर्थ है गुदा छिद्र (गुदा द्वार) में विदर, चीरा या चोट। यह बवासीर नहीं है। इसके लक्षणों की तुलना आपके मुंह केअल्सर से की जा सकती है, जो मसालेदार या मिर्च युक्ता आहार खाने पर बहुत दर्द करता है।

विदर की खासियत ये है की मल त्याग के आधे घंटे से 3-4 घंटे तक गंभीर रूप से दर्द होता है, जकड़न का एहसास होता है, आग जैसी जलन होती है। दर्द अधिक और रक्तस्राव कम होता है।

कभी-कभी फिशर में गुदा के पास थोड़ी सी सूजन हो जाती है। परन्तु हमें इसको हेमोरहॉइड के साथ भ्रमित नहीं करना चाहिए।

आमतौर पर गुदा विदर गुदा के पास आघात के कारण होता है। मल के गुजरने से यह और भी खराब हो सकता है। इस तरह अगर इसे सही होने का समय ना मिले तो ये और भी अधिक बिगड़ता चला जाता है।

इसीलिए हमारे उपचार का परम लक्ष्य इस बार बार होने वाले आघात को रोकना है। और आप घर पर कई अलग-अलग चीजें करके ऐसा कर सकते हैं।

एनल फिशर के घरेलु उपाय (anal fishar ke gharelu upay)

फाइबर और पानी का सेवन बढ़ाएं

आप फाइबर सप्लीमेंट लेकर या सिर्फ फल और सब्जियां खाकर अपने फाइबर का सेवन बढ़ा सकते हैं। आपका लक्ष्य प्रति दिन लगभग 30 ग्राम तक फाइबर ग्रहण करना है।

इसके अलावा, मसालेदार मसाले, मिर्च आदि खाना बंद कर दें। हमें शायद आपको यह बताने की जरूरत नहीं है कि ऐसा क्यों करना चाहिए?

इसके अतिरिक्त आपको बहुत सारे तरल पदार्थ पीने की जरूरत है। एक दिन में लगभग दो लीटर से तीन लीटर तरल पदार्थों का सेवन करें।

यह सब आपके मल को नरम बनाने में मदद करेगा। नरम स्टूल (mal) आसानी से, बिना दर्द के और आपके फिशर को खराब किए बिना त्यागा जा सकता है। इससे आपकी चोट को सही होने में मदद मिलेगी।

रेचक (Laxative)

इसके अलावा अगर कब्ज है, जो फिर से आघात का कारण बन सकता है, तो रेचक आपके काम आ सकता है।

आप मेडिकल काउंटर से कोई रेचक ले सकते हैं या कुछ आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों (जैसे हरीतकी) प्रयोग कर सकते हैं। यह जादू की तरह काम करता है। हरीतकी चूर्ण (Haritki) न केवल कब्ज में मदद करता है, बल्कि आपके मल को बहुत नरम बनाता है। जब आपका गुदा द्वार चोटिल हो, तो आप यही चाहते हैं।

लगभग पांच दिन इन उपायों का उपयोग करने से मदद मिल सकती है। इससे आपको बार बार चोटिल होने के दुष्चक्र को तोड़ने में मदद मिलेगी।

एनीमा और तेल

भोजन और हर्बल उपचार के अलावा, हम यांत्रिक तरीकों पर भी ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। वे बिना किसी नकारात्मक प्रभाव के सबसे अच्छे उपचारों में से हैं।

आप कुछ हल्के गर्म पानी का उपयोग करके एनीमा ले सकते हैं। यह न केवल आपके मल को नरम करेगा, बल्कि आपकी आंत को भी साफ करेगा। लंबे समयकाल में आंतों की सफाई आपके कब्ज निवारण में मददगार साबित होगी। संभवत: ये कब्ज ही है जिसने आपके मल को सख्त किया, जो पहली बार आपके गुदा विदर का कारण बना।

आप अपनी गुदा के द्वार के पास कुछ तेल लगा सकते हैं, और अपनी उंगली का उपयोग करके कुछ अंदर भी लगा सकते हैं। यह मल मार्ग को चिकनाई देगा और मल आसानी से गुजर जाएगा। पर ध्यान रखें की ऐसा करने से पहले आपकी उँगलियाँ साफ़ हों और नाख़ून छोटे हों, जिससे आपको और चोट न लगे।

हमें बताइये कि आप ऐनल फिशर के इन प्राकृतिक उपचारों के बारे में क्या सोचते हैं। इसके अलावा, टिप्पणी अनुभाग में आप हमें अपने अनुभव और आपके द्वारा आजमाए गए घरेलु नुस्खों के बारे में भी बताएं, ताकि अन्य लोग भी उसका लाभ उठा सकें।

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