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भूख न लगने के संभावित कारण और उपाय (Bhook na lagne ki wajah aur ilaj)

कभी-कभी हमें भूख नहीं लगती| एक-आध दिन तो यह सबके साथ हो जाता है| परन्तु अगर आपको यह समस्या लगातार रहती है, तो यह किसी और गहरी समस्या का सूचक हो सकती है|

इस लेख में हम भूख न लगने के उन सभी संभावित कारणों पर प्रकाश डालने का प्रयास करेंगे, जिसकी वजह से ऐसा हो सकता है| और यह भी की प्राकर्तिक तरीके से, या घरेलु नुस्खों का प्रयोग कर इससे कैसे निबटा जाये|

(इस लेख में हम जानेंगे - Reasons for lack of Appetite, and how to enhance it, in Hindi)

Table of Contents (in Hindi)
  • भूक न लगने की संभावित वजहें
  • भूख बढ़ाने के उपाय

भूक न लगने की संभावित वजहें (Kam bhook lagne ke karan)

गलत खान-पान और जीवनशैली

पेट से सम्बंधित लगभग सभी परेशानियों की वजह हमारा गलत खान-पान और हानिकारक जीवनशैली ही होती है, चाहे वो अपचन की समस्या हो, अत्यधिक गैस बनना हो, या भूख न लगना हो|

अगर आप अत्यधिक गरिष्ट भोजन ग्रहण करते हैं, तो पेट को इसको पचाने में ज्यादा मशक्कत करनी पड़ती है| इसकी वजह से पेट काफी समय तक भरा-भरा सा रहता है| ऐसे में भूख न लगना स्वभाविक ही है|

अगर आप खाना अत्यधिक मात्रा में, ठूस-ठूस कर खाते हैं, तो भी यह समस्या हो सकती है| ऐसे में आपका पेट भी हमेशा भारी-भारी लगेगा, और गैस भी काफी बनेगी| क्यूंकि आपका ग्रहण हुआ अत्यधिक खाना अच्छे से पचेगा ही नहीं| अपचा खाना गैस बनाएगा, और आपकी भूख भी मारेगा|

अगर आप देर रात तक जागते हैं, बाहर का ऊटपटांग भोजन नियमित रूप से ग्रहण करते हैं, और मदिरा पान अत्यधिक करते हैं, तो भी यह समस्या सामने आ सकती है| हमारी जीवनशैली का हमारे पाचन तंत्र पर काफी गहरा प्रभाव पड़ता है| यह शायद आपको युवावस्था में उतना मालुम न चले, पर जैसे ही आप 35-40 के होंगे, यह सब आपको साफ़ दिखने लगेगा|

तो पेट से सम्बंधित किसी भी समस्या का सबसे पहला और सबसे अच्छा समाधान तो अपने खान-पान को ठीक करना और अपनी जीवनशैली को सुधारना है| यह सुनने में आसान लगता है, पर यकीन मानिये, ज्यादातर जनता के लिए यह कर पाना अत्यधिक टेड़ी खीर साबित होगा| पर जो अनुशासित तरीके से यह कर पायेगा, उसे अच्छे परिणाम भी मिलेंगे|

आँत या यकृत की समस्या

अगर आपके यकृत (लीवर) या आँत में कोई समस्या है, तो भी आपके पाचन में दिक्कत आ सकती है, और इसकी वजह से आपको भूख लगनी कम हो सकती है|

खाना खाने का सही तरीका

खाना हमेशा धीरे-धीरे, और अच्छे से चबाकर खाना चाहिए| अगर आप अपने दाँतों से मेहनत नहीं करवाएंगे, तो आपकी आँतों को उतनी ही ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी|

साथ ही इस बात का ध्यान रखें की किस खाने के साथ क्या खा सकते हैं, और क्या नहीं| जैसे गर्म खाने के साथ ठंडा न खाएं, खाना खाने से 1 घंटे पहले या बाद तक पानी न पिएं|

पहले भारतियों को यह सब ज्ञान हुआ करता था, क्यूंकि वैद्य जी घर आकर सिर्फ दवाई ही नहीं देते थे, पर घर के लोगों को यह सब ज्ञान भी देते थे| पर अब हम लोग दवाइयों के इतने आदि हो गए हैं, और अपने मन पर काबू करने की इच्छाशक्ति इतनी कमज़ोर कर चुके हैं, की इन मूल बातों को भुला बैठे हैं|

भूख बढ़ाने के उपाय (Bhookh badhane ke gharelu upay)

  • खाना समय पर खाना चाहिए, और जितनी भूख हो उससे थोड़ा कम खाएं|
  • गरिष्ट और बाहर का खाना कम खाएं| जितना हो सके घर का हल्का खाना खाएं, अथवा फलाहार करें| जितना हो सके माँस-मदिरा के सेवन से बचें|
  • यकृत (लीवर) की सेहत अच्छी करने के लिए कई हर्बल और आयुर्वेदिक/होम्योपैथिक सिरप बाजार में उपलब्ध हैं, जैसे की SBL कंपनी का Alfalfa Tonic. किसी अच्छे वैद्य अथवा होम्योपैथिक डॉक्टर से सलाह करके आप ऐसा कोई सिरप कुछ महीने के लिए ले सकते हैं|
  • कभी-कभी खाने के साथ स्वादिष्ट सलाद, अचार, सिरके के प्याज़, आदि खाने से भूख बढ़ जाती है|
  • नीम्बू में काला नमक डालकर चाटने से भी भूख बढ़ती है| इससे और भी बहुत फायदे होते हैं, जैसे अगर आपका जी मिचला रहा है, या गैस ज्यादा बन रही है, खाना ज्यादा खा लिया है और अपच सी महसूस हो रही है, इत्यादि| कोविड (Covid) के बुखार के दौरान भी जब मेरी और मेरी माँ की स्वाद और सुगंध चली गयी थी, और हमारा जी मिचला रहा था, तो नीम्बू में काला नमक डालकर चाटने से हमे तुरंत राहत मिली थी|
  • भूख बढ़ाने के लिए कुछ अच्छे आसन भी हैं - जैसे की पद्मासन में बैठकर खुद को पूरे का पूरा अपने हाथों के बल उठा लें| अर्थार्थ सिर्फ आपके हाथ ही जमीन को छुएंगे| बाकी का शरीर हवा में लटका होगा, पद्मासन की शैली में| यह आप 30 सेकंड से 1 मिनट भी कर लें (एक बार में) तो बहुत होगा| इस कार्य हेतु उत्तानपादासन (uttanpadasana) भी कारगर माना जाता है|

जो भी नुस्खा आपके पेट, आंत, या यकृत की सेहत बेहतर करेगा, वो आपकी भूख भी स्वतः ही प्रज्जवलित करेगा ही|

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