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दांत साफ़ करने के नुस्खे (Daant saaf karne ke nuskhe)

हम लोग अक्सर दांतों के बारे में तभी सोचते हैं जब हमे दर्द होता है, या फिर जब दांतों में कीड़े पड़ जाते हैं| जब डेंटल डॉक्टर अपने औज़ारों से हमारे दांतों और जबड़े की मरम्मत करना शुरू करता है, तब हम पछताते हैं की हमने अपने दाँतों की कद्र क्यों नहीं की|

किसी समस्या का समाधान करने से, उस समस्या को उत्त्पन्न न होने देना ज्यादा आसान है, और समझदारी भी इसी में है| इसलिए, इस लेख में हम अपने दाँतों का ख्याल रखना और उनको साफ़ रखने के विभिन्न तरीके सीखेंगे|

(इस लेख में हम जानेंगे - How to take care of our Teeth, in Hindi)

Table of Contents (in Hindi)
  • दांतों को साफ़ कैसे रखें ?
  • दाँतों को सफ़ेद कैसे करें ?

दांतों को साफ़ कैसे रखें ? (Danton ko saaf kaise rakhein?)

नियमित दाँत साफ़ करना

यह तो हमसे से ज्यादातर करते ही हैं| पर यह बहुत जरूरी है की यह नियमित रूप से किया जाये - हो सके तो सुबह-शाम| अर्थार्थ सुबह उठते ही, और सोने जाने से पहले|

कुल्ला करना

वैसे तो यह बहुत छोटी सी बात लगती है, परन्तु संभवतः यह दाँतों की देखभाल का सबसे सरल और सबसे महत्पूर्ण हिस्सा है| जब भी आप कुछ खाएं, उसके तुरंत बाद कुल्ला अवश्य करें|

ऐसा करने से दाँतों में भोजन-प्रदार्थ जमते नहीं, और दांतों के कीड़ों को पनपने का मौका ही नहीं मिलता|

दातून

आप दाँत साफ़ करने के लिए दातून भी कर सकते हैं| टूथपेस्ट इस्तेमाल करना कोई जरूरी नहीं| अगर करें भी तो कोई हर्बल टूथपेस्ट इस्तेमाल करें, जैसे की पतंजलि का टूथपेस्ट (एडवांस वाला)|

भारत में 12 पेड़ हैं जिनकी टहनियों का इस्तेमाल दातून के रूप में हो सकता है, जैसे की बबूल, नीम, अमरुद, आम, इत्यादि| मदार और अर्जुन का दातून नीम से भी अच्छा माना जाता है|

गर्मी के मौसम में नीम अच्छा माना जाता है, चाहे उसके पत्ते के सेवन की बात हो, या उसके दातून के प्रयोग की| नीम न मिले तो बबूल का प्रयोग करें| सर्दियों में अमरुद का दातून अच्छा माना जाता है, या फिर जामुन का| बरसात में आम या अर्जुन का दातून प्रयोग में लाईये|

चाहे तो सिर्फ नीम के दातून का प्रयोग करें, पर बीच-बीच में कुछ महीने के लिए उसे छोड़कर कुछ और प्रयोग करें, जैसे की कोई दंतमंजन, या टूथपेस्ट ही|

यह एक किफायती पर बेहतरीन घरेलु नुस्खा है| न दातून की एक्सपायरी डेट (expiry date) होती है, और न ही इसके कुछ अवांक्षित नुक्सान होते हैं|

एक दातून को आप 4-5 दिन भी इस्तेमाल कर सकते हैं| बस हर रोज़ इस्तेमाल किया हुआ हिस्सा काट कर फेंक दें, और बाकी दातून को पानी में डालकर रख दें| टूथब्रश को हम सालों इस्तेमाल करते हैं, इतना की उनके अंदर बहुत गन्दगी जमा हो जाती है, कीटाणु वहां पनपने लगते हैं| कम-से-कम दातून में यह समस्या नहीं होती|

नोट

अगर आप टूथब्रश इस्तेमाल करते भी हैं, तो उसको समय-समय पर बदलते रहें| पैसा बचाने के चक्कर में एक ही टूथब्रश को महीनों इस्तेमाल न करें| समय के साथ वह उतना अच्छा साफ़ भी नहीं करता, और उसमे गन्दगी भी काफी जमा हो जाती है|

दन्त-मंजन

कुछ लोग दातून की जगह दन्त-मंजन भी इस्तेमाल करते हैं| दन्त-मंजन तो घर पर भी बनाया जा सकता है| आइये देखते हैं कैसे|

हल्दी में सरसों का तेल मिलाएं, और उसमें थोड़ा नमक भी मिश्रित कर दें| यह दन्त-मंजन का बेहतरीन घरेलु नुस्खा है| वैसे, आप जहाँ भी रहते हों, वहां पाए जाने वाला तेल और लवण आप प्रयोग में ला सकते हैं|

इसके अलावा आप निचुड़े हुए निम्बू के छिलके को पलट कर, उसपर नमक लगाकर भी दाँत साफ़ कर सकते हैं| इससे दांत बहुत अच्छे साफ़ होते हैं, और मुँह में बदबू भी नहीं रहती|

नोट

हल्दी, निम्बू जैसे प्रदार्थ कीटाणुओं का बहुत अच्छे से विनाश करते हैं| मुँह से आने वाली दुर्गन्ध, दाँतों के कीड़े, इत्यादि इन कीटाणुओं की वजह से ही होते हैं|

बारीक पिसा त्रिफला चूर्ण, सेंधा नमक में मिलाकर भी दंतमंजन की तरह प्रयोग किया जाता है|

दाँतों को सफ़ेद कैसे करें ? (Danton ko safed kaise karein?)

दाँतों को साफ़ रखने के अलावा, कुछ लोग यह चाहते हैं की उसके दांत कम पीले दिखें, और उनमें चमक आये| इसके लिए भी कई उपाय हैं|

वैसे लोग अक्सर दांतों को सफ़ेद करने के लिए ब्लीचिंग का प्रयोग करते हैं, पर यह ज्यादा नहीं की जा सकती| अन्यथा दाँतों को नुकसान भी पहुंच सकता है|

चेतावनी

अगर आपके दांतों में कोई और दिक्कत है, जैस की दाँत दर्द, मसूड़ों में खून आना, दांतों में कीड़ा, इत्यादि, तो पहले उसे सुलझा लें| दांतों को सफ़ेद करने का प्रयास तभी करें अगर आपके दांत बाकी सब तरह से स्वस्थ हों|

आम के पत्ते

आम के पत्ते को धोकर कुछ देर चबाएं, जब तक वो लेप जैसा न हो जाये| फिर उसी से दांत साफ़ करें| इससे दांतों में चमक आती है|

बेकिंग सोडा और निम्बू

बेकिंग सोडा (Baking soda) को ब्रश में डालकर, उसमें निम्बू की कुछ बूँदें मिला दें, और हलके-हलके से दाँतों को ब्रश करें| जोर न लगाएं| इसको दाँतों पर 3-4 मिनट रहने दें, उसके बाद ही कुल्ला करें|

इससे दाँत सफ़ेद होते हैं| परन्तु यह महीने में 1-2 बार ही करें, क्यूंकि बेकिंग सोडा दाँतों के लिए बहुत अच्छा नहीं होता|

स्ट्रॉबेरी (Strawberry)

स्ट्रॉबेरी काट कर दांतों पर घिसें, या इसका पेस्ट बनाकर उसको दांतों पर रगड़ें| इससे भी दांत सफ़ेद होते हैं| और यह बहुत सुरक्षित तरीका भी है| इसलिए यह आप नियमित रूप से भी कर सकते हैं|

एक्टिवेटिड चारकोल पाउडर

एक्टिवेटिड चारकोल पाउडर (Activated Charcoal Powder) को दंतमंजन की तरह प्रयोग में लाएं| इससे भी दांतों में चमक आती है| इसको दाँतों पर 3-4 मिनट रहने दें, उसके बाद ही कुल्ला करें| यह आप महीने में 5-6 बार भी कर सकते हैं|

हाइड्रोजन पेरोक्साइड

दांतों को सफ़ेद करने के लिए हाइड्रोजन पेरोक्साइड (Hydrogen Peroxide - H2 O2) भी प्रयोग में लाया जाता है, क्यूंकि यह भी एक ब्लीचिंग एजेंट है| इसको रुई में लगाकर दांतों में लगाएं, या इससे कुल्ला करें|

परन्तु इसे महीने में 1-2 बार ही प्रयोग करें, ज्यादा नहीं| 3% वाला हाइड्रोजन पेरोक्साइड घोल ही खरीदें| इसको किसी भी हालात में निगलें नहीं|

जितने भी ब्लीचिंग एजेंट हैं, वो दांतों को सफ़ेद तो करेंगे, पर अत्यधिक इस्तेमाल किये जाने पर उनको नुक्सान भी पंहुचा सकते हैं| जितना हो सके, इस कार्य हेतु प्राकर्तिक तरीकों का ही इस्तेमाल करें; रसायनों के प्रयोग को जितना हो सके कम रखें|

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