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डेंगू बुखार के लक्षण और घरेलु उपाय (Dengue bukhar ke lakshan aur gharelu upay)

डेंगू भुखार एक वायरल बुखार है, जो संक्रमित एडीज (Aedes) मच्छरों के काटने से होता है| अगर किसी डेंगू ग्रसित व्यक्ति को काटने के बाद यह मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काट ले, तो यह डेंगू वायरस को उस स्वस्थ व्यक्ति तक भी पंहुचा देगा| अर्थार्थ, यह मच्छर वायरस के वाहक के रूप में काम करता है|

सामान्यतः यह मच्छर दिन में काटते हैं, और बरसात के मौसम में ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं (यानि जुलाई से अक्टूबर के बीच)| डेंगू भारत में अब लगभग हर साल ही दस्तक दे देता है| अंतर बस इतना है, कि कभी इसका प्रकोप ज्यादा होता है, कभी कम|

इस लेख में हम डेंगू बुखार को पहचानने के गुर सीखेंगे, और साथ ही इसको घरेलु तरीके से सही करने के उपाय भी|

चेतावनी

जो घरेलु तरीके इस लेख में दिए गए हैं, वो हर किसी पर और हर समय कारगर हों यह आवश्यक नहीं| इसलिए डेंगू बुखार होने पर किसी चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें| जरूरी नहीं की घरेलु नुस्खे आपको पूरी तरह से स्वस्थ कर दें| पर यह आपको ठीक होने में मदद अवश्य करेंगे|

(इस लेख में हम जानेंगे - Home remedies for Dengue Fever, in Hindi)

Table of Contents (in Hindi)
  • डेंगू के लक्षण
  • डेंगू की रोकथाम
  • डेंगू के लिए घरेलु उपाय

डेंगू के लक्षण (Dengue ke Lakshan)

बुखार के मामले में उसको पहचानना सबसे महत्पूर्ण कार्य होता है| अगर आपने बुखार का प्रकार ज्ञात कर लिया, तो समझिये आपने आधी जंग तो जीत ही ली| बुखार ऐसी चीज़ है की इसे पहचानने में अच्छे-अच्छे वैद्य और डॉक्टर भी मात खा जाते हैं|

तो आईये, डेंगू बुखार के कुछ सामान्य लक्षण जानें| अगर आपको लगता है की आपको डेंगू हुआ है, तो तुरंत वैद्य को अवश्य दिखाएं| खुद से ही सारा इलाज करने न बैठ जाएं| कोरोना की तरह ही, डेंगू की पहचान के लिए भी टेस्ट होते हैं| शक होने पर तुरंत अस्पताल जाकर यह टेस्ट करवा लें|

पर इसके लक्षणों के बारे में कुछ जानकारी हर मनुष्य को होनी चाहिए, ताकि स्तिथि की गंभीरता को समझने में कोई गलती न हो| वायरस के शरीर में दाखिल होने के 4 से 5 दिन में इसके लक्षण प्रतिलक्षित होने लगते हैं|

  • डेंगू बुखार को हड्डी तोड़ बुखार भी कहा जाता है, क्यूंकि इस बुखार में बहुत तेज बदन दर्द होता है| दर्द कई जगह महसूस हो सकता है, जैसे की जोड़ों में, सिर में, आँखों के पिछले हिस्से में, इत्यादि| यह लक्षण डेंगू बुखार की पहचान आसान बनाता है|
  • ठंड के साथ बुखार आता है, कमजोरी लगती है, भूक नहीं लगती, जी मिचलाना - पर यह सब लक्षण तो और भी बुखारों में देखने को मिलते हैं|
  • त्वचा पर चकत्ते (rashes) पड़ना|
  • उलटी, दस्त भी हो सकते हैं|
डेंगू बुखार के प्रकार

डेंगू बुखार के तीन प्रकार हैं - सामान्य डेंगू बुखार (Classical Dengue Fever), डेंगू हैमरेजिक बुखार (Dengue Hemorrhagic Fever), डेंगू शॉक सिंड्राेम (Dengue Shock Syndrome)

उपरोक्त लक्षण सामान्य डेंगू बुखार के हैं| अन्य दोनों प्रकार के डेंगू बुखार ज्यादा खतरनाक होते हैं, पर इसलिए उन्हें पहचानना आसान भी है|

डेंगू हैमरेजिक बुखार में नाक, मुँह, मल, आदि से खून निकलता है| और डेंगू शॉक सिंड्राेम में बेहोशी, हृदय गति में बदलाव, रक्तचाप कम होना, आदि देखने को मिलता है|

अगर सामान्य डेंगू बुखार का इलाज करने में देरी की जाये, या लापरवाही बरती जाये, तो यही डेंगू हैमरेजिक बुखार (Dengue Hemorrhagic Fever), या डेंगू शॉक सिंड्राेम (Dengue Shock Syndrome) में परिवर्तित हो सकता है|

डेंगू बुखार का असर इन चीज़ों पर पड़ता है :

  • प्लेटलेट्स (Platelets) - डेंगू होने पर इनकी जाँच नियमित अंतराल पर अवश्य करते रहे|
  • बोन मेरो (Bone Marrow)
  • श्वेत रक्त कोशिकायें (White Blood Cells, WBCs)

डेंगू की रोकथाम (Dengue ki roktham kaise karein ?)

डेंगू की रोकथाम का सबसे अच्छा तरीका है की डेंगू के मच्छरों को पनपने ही न दिया जाये| इसके लिए यह काम करें :

  • क्यूंकि डेंगू के मच्छर साफ़ पानी में पनपते हैं, इसलिए घर में और घर के आसपास जहाँ कहीं भी साफ़ पानी हो उसे ढक कर रखें|
  • खुले पानी में तेल डाल दें, जैसे कूलर में, पानी की हौज में, आदि| कोई भी तेल डाल सकते हैं, जैसे मिट्टी का तेल| तेल पानी की सतह पर तैरता है, और उसके ऊपर एक महीन परत बना देता है| इस कारणवश मच्छरों के लार्वे सांस नहीं ले पाते और जल्द ही मर जाते हैं|
  • सबसे अच्छा तरीका तो यह होगा की आप साफ़ पानी जमा ही न होने दें - जहाँ कहीं भी पानी जमा हो रहा हो, उसे उड़ेल दें, या सुखा दें|
  • नगर पालिका को सूचना देकर आप अपने इलाके में दवाई का छिड़काव भी करवा सकते हैं| ऐसा करना तब आवश्यक हो जाता है जब मच्छर घर के बाहर से अत्यधिक मात्रा में आ रहे हों|

दूसरा सबसे अच्छा तरीका है की मच्छरों को काटने का मौका ही न दिया जाये| इसके लिए बहुत तरीके बाजार में मौजूद हैं, जैस की मच्छर भगाने वाले कॉइल, मच्छरदानी, इत्यादि| घर की हर खिड़की पर जाली लगवायें| हो सके तो अपनी बाँहों और टांगों को ढकने वाले कपडे पहने| डेंगू के मच्छर दिन में काटते हैं, इसलिए दिन में भी सावधान रहे|

डेंगू के लिए घरेलु उपाय (Dengue ke gharelu upay)

सामान्य मामलों में डेंगू बुखार का इलाज घर पर भी किया जा सकता है| 4-5 दिन में व्यक्ति की तबियत भी सुधरने लगती है| परन्तु अगर उसके बाद भी बुखार बना रहे, तो बिना देर किये किसी वैद्य या डॉक्टर को अवश्य दिखाएं|

डेंगू के बुखार की वजह से शरीर में प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं - यही कभी-कभी जानलेवा सिद्ध हो जाता है| तो, जो भी चीज़ें खून में प्लेटलेट्स को बढ़ाएंगी, वो कारगर साबित होंगी| जैसे की :

  • खूब पानी पिएं, और अन्य पौष्टिक तरल प्रदार्थ भी - जैसे जूस (पपीते के पत्तों का जूस, गिलोय जूस, एलोवेरा जूस, आदि), नारियल पानी, छाज, सूप, आदि|
  • अनार उल्टी को सँभालने में मदद करता है|
  • डेंगू बुखार में दर्दनाशक दवाइयों (pain killers) का सेवन नहीं करने की सलाह दी जाती है|
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