post-thumb

पेशाब में जलन के कारण और उपाय (Peshab mein jalan ka karan aur upay)

पेशाब सम्बंधित समस्याएं किसी भी उम्र के लोगों में प्रकट हो सकती हैं - जैसे की बार-बार पेशाब लगना, पेशाब में जलन होना, पेशाब करते हुए कटने जैसा एहसास होना, इत्यादि| यह किसी छोटे-मोटे कारणवश भी हो सकता है, या किसी संक्रमण (Infection) की वजह से, या यह किसी विकट समस्या का सूचक हो सकता है|

इस लेख में हम पेशाब में होने वाली जलन के संभावित कारणों, और इसको कम या समाप्त करने के घरेलु नुस्खों पर विचार करेंगे|

नोट

कुछ लोग गुप्तांगों सम्बंधित रोगों को बेवजह छुपाते हैं| बिलकुल भी संकोच न करें, और बेझिझक अपनी समस्या को किसी अच्छे वैद्य या डॉक्टर से सांझां करें|

(इस लेख में हम जानेंगे - Home remedies for Dysuria, in Hindi)

Table of Contents (in Hindi)
  • पेशाब में जलन के संभावित कारण
  • पेशाब में जलन के घरेलु उपाय

पेशाब में जलन के संभावित कारण

अगर आपको मूत्र-त्याग करते हुए जलन से होती है, अथवा ऐसा लगता है की कुछ कट सा रहा है, तो इसके कई कारण हो सकते हैं| आइये, इन सभी संभावित कारणों पर एक नज़र डालें:

  • कई बार कम पानी पीने की वजह से मूत्र में जलन हो सकती है| ख़ासतौर से गर्मियों में ऐसा होने की सम्भावना अधिक होती है| अगर आपके मूत्र का रंग गाढ़ा पीला है, तो संभवतः आप उचित मात्रा में पानी ग्रहण नहीं कर रहे हैं| दिन में कम-से-कम 4-5 लीटर पानी पिएं|

  • मूत्र पथ का संक्रमण (Urinary Tract Infection - UTI): आपके गुर्दे (Kidney) से लेकर मूत्र-त्याग की नली के अंतिम छोर को मूत्र पथ कहा जाता है| इसमें कहीं भी संक्रमण हो सकता है| यह E. Coli बैक्टीरिया के कारण होता है| अगर यह संक्रमण मूत्र पथ के निचले हिस्से में है, तो इसे सामान्य मूत्राशयशोध (मूत्राशय का संक्रमण) कहा जाता है| अगर यह संक्रमण मूत्र पथ के ऊपरी हिस्से में है, तो इसे वृक्कगोणिकाशोध (गुर्दे का संक्रमण) कहा जाता है| यह संक्रमण अक्सर आम शौचालय इस्तेमाल करने से हो जाता है, खासतौर से पाश्चात्य शैली के शौचालयों को इस्तेमाल करने से, जहाँ त्वचा से संपर्क होता है| यह महिलाओं में ज्यादा होता है| UTI होने पर बार-बार पेशाब आता है, और जलन भी होती है|

  • पथरी के कारण: कभी-कभी गुर्दे में पथरी बन जाती हैं, और अगर यह बहुत छोटी हैं, तो यह मूत्र मार्ग से पेशाब करते हुए बाहर निकल सकती हैं| अब क्यूंकि यह कठोर होती हैं, अतः यह मूत्र मार्ग को थोड़ी-बहुत चोट पंहुचा सकती हैं| यह भी पेशाब करते हुए होने वाली जलन और पीड़ा का कारण हो सकती हैं| पर यह अक्सर कुछ समय ही रहता है| सारी पथरी निकल जाने पर, जलन होनी कुछ ही दिनों में स्वतः ही बंद हो जाती है|

  • किसी ट्यूमर (tumour) या TB के कारण भी पेशाब में जलन हो सकती है|

पेशाब में जलन के घरेलु उपाय

  • हो सकता है की पानी की कमी से ऐसा हो रहा हो| यह सबसे सामान्य कारण है| खूब पानी पिएं, और देखें की जलन कम होती है या नहीं| अगर आप ठन्डे पानी में थोड़ा शहद डालकर पिएंगे, तो और भी लाभ होगा| गर्म पानी में शहद डालकर पिने से वो शरीर में गर्मी करता है| और अगर इसे ठन्डे पानी में डालकर पिया जाये, तो यह शरीर को ठंडा करता है|

  • अगर यह जलन, मूत्र पथ के संक्रमण (Urinary Tract Infection - UTI) के कारण है, तो आपको कई सावधानियाँ बरतनी होंगी| जैसे, की आम सुलभ शौचालय का उपयोग न करें| अगर करना ही पड़े, तो भारतीय शैली के शौचालय प्रयोग में लाएं| यह सहवास के बाद भी बढ़ सकता है| इसलिए, इससे बचने के लिए हमेशा कंडोम का इस्तेमाल करें, और सम्भोग के बाद अपने गुप्तांगों को अच्छे से धो लें, और मूत्र विसर्जन भी कर लें| UTI बार-बार न हो, इसके लिए आप क्रैनबेरी जूस, लहसुन, विटामिन C, ग्रीन टी, आदि ग्रहण कर सकते हैं| खूब पानी पिएं, जिससे सारे बैक्टीरिया आपके शरीर से बाहर निकल जाएं| इससे UTI में लाभ होता है|

चेतावनी

UTI की जांच तुरंत करवाएं (मूत्र जांच करवाकर), वर्ना यह संक्रमण शरीर में बाकी जगह भी फ़ैल सकता है, जैसे की गुर्दों में|

  • अगर यह जलन पथरी के कारण है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और अपनी पथरी को निकलवायें| कभी-कभी छोटी पथरियां, खुद-ब-खुद निकल भी जाती हैं| इसके लिए खूब सारा पानी पिएं| कुछ लोग इस उद्देश्य हेतु बियर भी पीते हैं, पर पानी पीना काफी होगा|

  • माँस न खाएं, नमक कम खाएं, और निम्बू, संतरा जैसे फल अधिक मात्रा में ग्रहण करें, क्यूंकि इनमें विटामिन C होता है|

नोट

पेशाब में जलन कम करने के लिए कुछ सिरप भी आते हैं, जो आप किसी डॉक्टर से पूछकर ले सकते हैं|

Share on:
comments powered by Disqus